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संत कमल किशोर नागर को सुरक्षा देने की मांग:झाबुआ में मिला था धमकी भरा पत्र; नागर ब्राह्मण समाज ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
संत पं. कमलकिशोर नागर को झाबुआ जिले में धमकी भरा पत्र मिलने से नाराज रतलाम के नागर ब्राह्मण समाज ने आरोपियों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार शाम समाजजनों ने रतलाम एसपी के नाम ज्ञापन सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया को सौंपा। समाज ने संत कमलकिशोर नागर को सुरक्षा देने की भी मांग की। समाजजनों के मुताबिक, संत पं. कमलकिशोर नागर के सानिध्य में 4 सितंबर को श्री गुरुकृपा शबरी गौशाला, भुराडाबरा, जिला झाबुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया गया था। रात में सत्संग चल रहा था। इसी दौरान श्रद्धालुओं ने संत नागर को भेंट स्वरूप सामग्री दी। इसमें शाल और श्रीफल सहित अन्य सामग्री थी। भेंट में मिले सामान में मिली थी चिट्ठी इसी सामग्री के बीच संत नागर को एक धमकी भरा पत्र मिला। समाजजनों ने कहा कि पत्र की भाषा और विषयवस्तु को देखते हुए मामला गंभीर है। उन्होंने इसे संत की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक बताया। समाजजनों ने कहा कि संत पं. कमलकिशोर नागर धर्मांतरण और गौ तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण और गौ संरक्षण के काम में सक्रिय रहे हैं। उनके मुताबिक, कई आदिवासी लोग संत के सानिध्य में आकर धर्मांतरण से रुक गए। कई लोगों की दोबारा हिंदू धर्म में वापसी भी कराई गई है। समाजजनों ने बताया कि इसी क्रम में क्षेत्र में हर साल धार्मिक और सामाजिक जनजागरण के बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संत और आश्रम की सुरक्षा की मांग समाज ने पुलिस प्रशासन से धमकी भरे पत्र को गंभीरता से लेते हुए संत कमलकिशोर नागर और आश्रम की सुरक्षा करने की मांग की। साथ ही पत्र भेजने वालों की तलाश कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई लोग मौजूद रहे।
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