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संतकबीरनगर की कान्हा गौशाला में पहुंचे एडीएम-एसडीएम:अधिकारियों ने व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश, कार्रवाई की चेतावनी
संतकबीरनगर के मेंहदावल शहर स्थित कान्हा गौशाला की बदहाल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने निरीक्षण किया। डीएम आलोक कुमार के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार सिंह और एसडीएम मेंहदावल ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे गौशाला पहुंचे। अधिकारियों ने भूसे की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर गौशाला में खराब पड़े पंखों की मरम्मत करा दी गई थी। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। स्टोर रूम में मिला सड़ा भूसा निरीक्षण के दौरान गौशाला के स्टोर रूम में सड़ा हुआ भूसा भी मिला। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। हालांकि केयरटेकर ने बताया कि सड़ा हुआ भूसा पशुओं को नहीं खिलाया जा रहा है। एडीएम ने पशुओं को गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। वहीं एसडीएम ने गौशाला प्रबंधन को हर हाल में हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चारा बोने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन एसडीएम ने बताया कि गौशाला में जगह की कमी के कारण हरे चारे की व्यवस्था में परेशानी हो रही है। उन्होंने चारा उगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, ताकि वहां हरा चारा बोया जा सके और पशुओं को नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा सके। 2016 में हुआ था गौशाला का निर्माण कान्हा गौशाला का निर्माण नवंबर 2016 में बहबोलिया वार्ड में तत्कालीन चेयरमैन मोतीलाल जायसवाल के कार्यकाल में कराया गया था। वर्तमान में गौशाला में कुल 32 पशु हैं। इनमें से एक पशु की तबीयत खराब बताई जा रही है। बताया गया कि पर्याप्त खुराक नहीं मिलने के कारण कई पशु कुछ देर खड़े रहने के बाद तुरंत बैठ जा रहे हैं। पशुओं की खुराक और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने आवश्यक निर्देश दिए। 6 महीने से खराब थे पंखे गौशाला में पिछले करीब छह महीने से पंखे खराब पड़े थे। भीषण गर्मी में पंखे बंद होने से पशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। केयरटेकर शुक्ला के मुताबिक पंखे करीब छह महीने से खराब थे। कुछ दिन पहले उनकी मरम्मत कराकर चलाया गया था, लेकिन दोबारा खराब हो गए। अब अधिकारियों के निरीक्षण से पहले पंखों को फिर से ठीक करा दिया गया है। अधिकारियों ने गौशाला में साफ-सफाई, चारा, पेयजल और पशुओं की देखभाल की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए।
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