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SGSITS का UDAAN-2026, 700 विद्यार्थियों को मिली डिग्री:टॉपर्स को गोल्ड मेडल; निदेशक बोले- अपनी रुचि के क्षेत्र में जुनून से काम करें
श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (SGSITS) में गुरुवार को UDAAN-2026 के तहत Graduation Ceremony और Academic Excellence Award समारोह आयोजित किया गया। समारोह में करीब 700 विद्यार्थियों ने डिग्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि करीब 1200 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और पूर्व छात्र मौजूद रहे। समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री, मार्कशीट और ट्रांसक्रिप्ट प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और Academic Excellence Award से सम्मानित किया गया। मंच पर डिग्री मिलते ही विद्यार्थियों के चेहरों पर उपलब्धि की खुशी और अभिभावकों के चेहरों पर गर्व साफ नजर आया। समारोह में तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दांडेकर सहित संस्थान के शिक्षक और अन्य सदस्य मौजूद रहे। निदेशक बोले- डिग्री के बाद असली उड़ान शुरू होगी SGSITS के निदेशक प्रो. नीतेश पुरोहित ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डिग्री के साथ उनके जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। विद्यार्थी करियर का फैसला अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करें और चुने हुए क्षेत्र में पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि संस्थान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्लेसमेंट, इंडस्ट्री कनेक्ट और छह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है, ताकि पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। एकेडमिक डीन बोले- Gen-Z में नया करने का उत्साह ज्यादा एकेडमिक डीन प्रो. ललित पुरोहित ने कहा कि SGSITS से निकलने वाला हर विद्यार्थी यहां से कुछ नया सीखकर आगे बढ़ता है। विद्यार्थी नौकरी के साथ अपनी रुचि के अनुसार व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी में सीखने, नया करने और तकनीक को अपनाने का उत्साह अधिक है। विद्यार्थी AI की जानकारी रखते हैं और अपनी-अपनी फील्ड में इसका उपयोग भी कर रहे हैं। एलुमनी अध्यक्ष बोले- सिर्फ नौकरी नहीं, अपनी पहचान बनाएं SGSITS Alumni Association के अध्यक्ष इंजीनियर राजेश गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि जिस संघर्ष और मेहनत के दौर से वे गुजर रहे हैं, उससे कभी पूर्व छात्र भी गुजरे हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मेहनत और जुनून के बल पर उन्होंने अपनी फर्म स्थापित की। विद्यार्थियों को भी सिर्फ नौकरी तक सीमित न रहकर अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
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