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शिवपुरी में 53 लाख के विकास प्रस्तावों पर आपत्ति:जनसुनवाई में पहुंचे जिला पंचायत सदस्य, किसान और ड्राइवर; 12 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मंगलवार को हुई जनसुनवाई में जिला पंचायत सदस्यों, किसान और ड्राइवर-क्लीनरों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए। जिला पंचायत सदस्यों ने 16वें वित्त आयोग की राशि से विकास कार्यों के प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल नहीं करने पर आपत्ति जताई। वहीं, नरवर के किसान ने खराब धान बीज से फसल में नुकसान होने की शिकायत की, जबकि ड्राइवर-क्लीनर 12 नवंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन ‘स्टेयरिंग छोड़ो अभियान’ की मांगों को लेकर तिरंगा झंडा लेकर पहुंचे। प्रस्तावों में से तीन कार्य शामिल करने पर आपत्ति जिला पंचायत सदस्य भारती रावत, पुष्पांजलि और मनीराम लोधी ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के समक्ष आवेदन देकर विकास कार्यों को स्वीकृति देने की मांग की। सदस्यों के मुताबिक, उन्होंने अपने क्षेत्रों में आठ स्थानों पर करीब 53 लाख रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव 1 अक्टूबर को प्रस्तुत किए थे, लेकिन इनमें से केवल तीन कार्यों को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया। शेष प्रस्तावों को शामिल नहीं करने का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। सदस्यों ने 24 सितंबर को आयोजित साधारण सभा की बैठक की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बैठक की तारीख बदलने और पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं मिलने से सभी सदस्यों को अपने क्षेत्र के प्रस्ताव रखने का उचित अवसर नहीं मिला। उन्होंने बैठक की कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शेष विकास कार्यों को शामिल कर नियमानुसार स्वीकृति देने की मांग की। खराब धान बीज से नुकसान का आरोप ग्राम महोबा, तहसील नरवर निवासी किसान रंजोर सिंह गुर्जर ने मंगल बीज भंडार, शिवपुरी से खरीदे गए धान के बीज की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की। किसान के अनुसार, उसने जून-जुलाई में 180 रुपए प्रति किलो की दर से बीज खरीदकर करीब 10 बीघा जमीन में बोवनी की थी। फसल में काले दाने निकलने और गुणवत्ता प्रभावित होने से उसे उचित बाजार भाव नहीं मिल रहा है। किसान ने प्रति बीघा करीब पांच क्विंटल कम उपज होने का दावा भी किया है। उसने कृषि विभाग से खेत का निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन करने, बीज विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की। 12 नवंबर से स्टेयरिंग छोड़ो अभियान ड्राइवर और क्लीनर मंगलवार को तिरंगा झंडा लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने 12 नवंबर 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन ‘स्टेयरिंग छोड़ो अभियान’ के तहत ड्राइवरों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी मांगें उठाईं। इनमें राष्ट्रीय ड्राइवर सुरक्षा कानून, ड्राइवर आयोग और वेलफेयर बोर्ड का गठन, दुर्घटना बीमा, कैशलेस इलाज, 55 वर्ष के बाद पेंशन, हाईवे पर विश्रामगृह और अवैध वसूली व उत्पीड़न पर रोक शामिल हैं। उन्होंने ड्राइवरों के लिए उचित वेतन, निर्धारित कार्य समय और दुर्घटनाओं में निष्पक्ष जांच की व्यवस्था करने की मांग भी की।
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