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सरदारपुर वन परिक्षेत्र में मेरी बीट मेरा अभिमान अभियान के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
सरदारपुर वन परिक्षेत्र में ‘मेरी बीट मेरा अभिमान’ अभियान के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला। सरदारपुर वन परिक्षेत्र में ‘मेरी बीट मेरा अभिमान’अभियान के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला शुरू हुई। वनकर्मियों को वन्यजीव सुरक्षा, तनाव प्रबंधन,टीमवर्क और ग्रामीणों से बेहतर संवाद का प्रशिक्षण दिया गया। सरदारपुर/धार। वन परिक्षेत्र सरदारपुर में वन्यजीवों की सुरक्षा, जंगलों की प्रभावी निगरानी तथा मैदानी वन अमले के सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘मेरी बीट मेरा अभिमान’ अभियान के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं विशेष कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वन मंडलाधिकारी विजय आनंदम टी.आर. के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यशाला में वनरक्षकों एवं मैदानी कर्मचारियों को कठिन फील्ड ड्यूटी के दौरान तनावमुक्त रहकर कार्य करने, टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद कायम करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वनकर्मी वन सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वन मंडलाधिकारी विजय आनंदम टी.आर. ने कहा कि मैदानी वनकर्मी वन सुरक्षा व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। तनावमुक्त वातावरण, बेहतर संवाद और आधुनिक कौशल से सुसज्जित होकर वन अमला जंगलों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी और संवेदनशील तरीके से सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने कहा कि ‘मेरी बीट मेरा अभिमान’ अभियान का उद्देश्य मैदानी कर्मचारियों के कार्य के प्रति गौरव, जिम्मेदारी और टीम भावना को मजबूत करना है। मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर विशेष जोर दो दिवसीय कार्यशाला में वनकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। कठिन एवं चुनौतीपूर्ण फील्ड ड्यूटी के दौरान मानसिक रूप से मजबूत रहने, सकारात्मक सोच बनाए रखने तथा परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के लिए कर्मचारियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अनुभवी प्रशिक्षकों ने कराई विभिन्न गतिविधियां कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल नंदिनी सेन ,प्रकृति मैडम एवं तुलसी मैडम द्वारा वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा ग्रुप एक्टिविटीज, संवाद सत्र, टीम-बिल्डिंग गतिविधियों एवं तनाव प्रबंधन से जुड़ी प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को आपसी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक कार्यशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वन्यजीव और जंगलों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है, जिनमें प्रमुख रूप से - बीट की नियमित एवं प्रभावी निगरानी। वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण। अवैध कटाई एवं शिकार जैसी गतिविधियों पर निगरानी। संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित सूचना तंत्र को मजबूत करना। ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय। आपात परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों को त्वरित सूचना देना। फील्ड ड्यूटी के दौरान तनाव प्रबंधन। त्वरित निर्णय क्षमता एवं नेतृत्व कौशल। टीमवर्क और आपसी सहयोग को मजबूत करना। वन विभाग के अधिकारी और वनरक्षक रहे उपस्थित कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सरदारपुर डॉ. शैलेंद्र सोलंकी , उपवन क्षेत्रपाल जोगड़ सिंह जमरा,विक्रम निनामा,सुरेंद्र वास्केल,अमन सिंह टैगोर सहित अन्य वन कर्मचारी एवं 35 वनरक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाएं मनीष पाल सिंह राठौड़ द्वारा की गईं। दो दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मैदानी वन अमले को मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ वन एवं वन्यजीव सुरक्षा के कार्यों में बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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