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त्योहारों से पहले मेरठ रेंज में कसी कानून व्यवस्था की कमान
त्योहारों से पहले मेरठ रेंज में कसी कानून व्यवस्था की कमान डीआईजी ने चारों जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ की अपराध समीक्षा, लापरवाही पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब मेरठ। आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्र, रामनवमी, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा मेले को देखते हुए बुधवार को मेरठ रेंज कार्यालय में अपराध समीक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण, विवेचना निस्तारण और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बीबीजीटीएस मूर्ति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बागपत सूरज कुमार राय और पुलिस अधीक्षक हापुड़ कुंवर ज्ञानंजय सिंह शामिल रहे। वहीं रेंज के अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सीओ एलआईयू और एआरओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। त्योहार रजिस्टर की समीक्षा और सीसीटीवी पर जोर डीआईजी ने निर्देश दिए कि सभी क्षेत्राधिकारी आगामी त्योहारों को लेकर अपने-अपने क्षेत्र के त्योहार रजिस्टर का अवलोकन कर लें और किसी भी स्थान पर नई परंपरा शुरू न होने दें। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना वाले सभी स्थानों की सूची थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी के पास उपलब्ध रहे। आयोजकों से समन्वय कर इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के भी निर्देश दिए गए। पूर्व में त्योहारों के दौरान हुए विवादों को चिन्हित कर असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। पटाखों के अवैध भंडारण और गन पाउडर के संबंध में स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। खराब विवेचना पर स्पष्टीकरण, बेहतर कार्य की प्रशंसा विवेचनाओं के अच्छे निस्तारण पर क्षेत्राधिकारी नगर बागपत की प्रशंसा की गई। वहीं खराब विवेचना निस्तारण पर क्षेत्राधिकारी शिकारपुर, बुलंदशहर से स्पष्टीकरण तलब किया गया। सर्किल क्षेत्र में अत्यधिक वारदात होने पर क्षेत्राधिकारी सदर देहात, मेरठ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया। डीआईजी ने लूट, डकैती और हत्या के लंबित मामलों में गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करने, हत्या के वांछित अपराधियों की सूची तैयार कर न्यायालय से वारंट प्राप्त करने तथा जरूरत के अनुसार कुर्की और इनाम घोषित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। हत्या के अनसुलझे मामलों का शीघ्र अनावरण करने और दहेज हत्या के लंबित अभियोगों का प्राथमिकता से निस्तारण कराने को कहा गया। हिस्ट्रीशीट खोलने और गिरफ्तारी बढ़ाने के निर्देश गौकशी, पशु क्रूरता, पशु चोरी और ट्रांसफार्मर चोरी में शामिल अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए। जिन थानों में इस वर्ष एक भी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली गई है, वहां अपराधियों को चिन्हित कर नई हिस्ट्रीशीट खोलने को कहा गया। एनबीडब्ल्यू के तामीला और गिरफ्तारी का प्रतिशत कम पाए जाने पर अधिक से अधिक गिरफ्तारी के लिए टास्क देने के निर्देश दिए गए। गैंगस्टर, एनडीपीएस, गुंडा और जिला बदर की कार्रवाई में तेजी लाने के साथ चिन्हित माफिया के न्यायालय में लंबित मामलों में गवाही पूरी कराकर अधिक से अधिक सजा सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर विशेष निगरानी डीआईजी ने साइबर अपराध की साप्ताहिक समीक्षा करने, फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों व आईएमईआई को साइबर पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक ब्लॉक कराने के निर्देश दिए। स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा गया। मिशन शक्ति के तहत प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने और एंटी रोमियो टीमों को पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पॉक्सो के मामलों में लंबित गिरफ्तारियां अभियान चलाकर पूरी कराने तथा महिलाओं, बच्चों और जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट, गुंडा और गैंगस्टर एक्ट की प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। नियमित जनसुनवाई और विवेचनाओं की मॉनिटरिंग सभी क्षेत्राधिकारियों को अपने कार्यालयों में नियमित जनसुनवाई करने और शिकायतों का थाना एवं सर्किल स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लंबित विवेचनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक माह तक लंबित विवेचना पर क्षेत्राधिकारी, दो माह पर अपर पुलिस अधीक्षक और तीन माह से अधिक लंबित होने पर पुलिस अधीक्षक को स्वत: संज्ञान लेने को कहा गया। बस माफिया और डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई, अवैध खनन, अवैध शराब, भूमाफिया, जुआ, सट्टा और मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के भी निर्देश दिए गए। पेशेवर अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी सतत निगरानी एवं सत्यापन और जरूरत पड़ने पर जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई कराने को कहा गया। सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर डीआईजी ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सूचना के सामने आने पर तत्काल उसका खंडन करने के निर्देश दिए। आगामी चुनाव में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकने वाले अपराधियों को भी अभी से चिन्हित करने को कहा गया। इस दौरान श्रावण मास कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने तथा अपने-अपने तैनाती जनपदों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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