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उदयपुर में भाजपा के पास मेयर के दो बड़े चेहरे:पार्षदों से पर्ची पर 3-3 नाम लिखवाए; सहमति नहीं बनी तो एक डिप्टी मेयर भी बन सकता है
उदयपुर नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद सभी की नजरें अब मेयर चेहरे पर टिकी हैं। बीजेपी ने सभी 53 पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। पार्टी में मंथन जारी है। इस बार मेयर की सीट अनारक्षित ओपन होने से पार्टी के लिए ज्यादा माथापच्ची है। पार्षदों की बाड़ेबंदी में मंगलवार को सभी नए पार्षदों को एक पर्ची देकर तीन-तीन नाम लिखवाए गए। उदयपुर शहर के पास हाइवे किनारे एक होटल में इन सभी पार्षदों को बांड़ेबंदी कर रखा गया है। इस बार भी भाजपा का सातवीं बार बोर्ड बनना तय है। पर्ची में 3-3 नाम लिखवाकर चॉइस लिखवाई गई। मेयर के लिए नामांकन होना है। आज देर रात तक पार्टी मेयर प्रत्याशी का नाम फाइनल कर बुधवार को नॉमिनेशन करवाएगी। हालांकि सिंबल गुरुवार को जमा करवाया जाएगा। कांग्रेस की ओर से भी अरूण टांक या पूनम कुंवर में से कोई एक मेयर पद के लिए नॉमिनेशन कर सकता है। आज रात तक नाम तय होने के बाद बुधवार को 12 बजे बाद मेयर प्रत्याशी प्रस्तावक और समर्थक के साथ नामाकंन भरने पहुंचेंगे। बीजेपी में दो चेहरे, एक मेयर तो दूसरा डिप्टी मेयर हो सकता है सूत्रों के अनुसार बीजेपी की तरफ दिनेश भट्ट या प्रमोद सामर में किसी एक को मेयर प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इस रेस में दोनो के लिए अलग-अलग नेता लॉबिंग कर रहे हैं। दोनों (भट्ट-सामर) को मेयर पद की सर्वसहमति नहीं बनने की कंडीशन में डिप्टी मेयर बनाने का भी ऑफर दिया जा सकता है। भट्ट के मेयर बनने की स्थिति में सामर को डिप्टी मेयर और सामर के मेयर बनने की स्थिति में भट्ट को डिप्टी मेयर बनाने का भी ऑफर दिया जा सकता हैं। बीजेपी में सहकारिता के राजस्थान संयोजक प्रमोद सामर जैन समाज का बड़ा चेहरा है। वहीं, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट भी बाह्रम्ण समाज से आते हैं। ऐसे में दोनों के एडस्ट होने पर दोनों प्रमुख समाजों को प्रतनिधित्व मिल सकता है। इससे पहले रिसोर्ट में बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें शहर विधायक दिनेश भट्ट, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, शहर जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़, संभाग प्रभारी नाहर जोधा, जिला प्रभारी हरीश पाटीदार भी मौजूद थे। बैठक में सभी प्रत्याशियों से चर्चा की गई। भाजपा नेताओं ने कहा- पार्टी के सभी पार्षदों को समान रखना है भाजपा नेताओं ने कहा- उनके लिए चुने गए सभी 53 पार्षद मेयर के बराबर हैं, लेकिन औपचारिक रूप से किसी एक को चुनना है। ऐसे में कोई भी अपने आप को कम नहीं समझे। सभी मिलकर सर्व सहमति रखे और अपनी अपनी चॉइस से तीन नाम लिखकर दे। पार्टी नेताओं ने कहा कि मेयर किसी को भी बना दिया जाए, लेकिन उन्हें सभी से मिलकर जुलकर चलना होगा। पार्टी के सभी पार्षदों को समान रखना है। नेताओं ने सीएम भजनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि संगठन की नजर सब पर रहती है, किसी का भी कभी नंबर आ सकता हैं।तय व्यवस्था के हिसाब से किसी पार्षद में से एक को मेयर बनाना है, बाकि कोई बड़ा या खास नहीं है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार शहर विधायक ताराचंद जैन और कटारिया गुट इस बार दिनेश भट्ट के नाम को फाइनल करवाने की कोशिश में है। इन दोनों के अलावा डिप्टी मेयर के लिए अतुल चंडालिया और महेन्द्र सिंह शेखावत भी रेस में हैं। मेयर पद के फाइनल होने पर ही डिप्टी मेयर के नाम तय होंगे। इसी बीच होटल में पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी द्वारा सभी पार्षदों से मिलकर चर्चा करने की जानकारी सामने आई। सिंघवी भी इस बार महापौर पद की रेस में हैं। चंडालिया राज्यपाल कटारिया के दामाद के भाई हैं। पहले भी पार्षद रह चुके हैं। महेन्द्र सिंह शेखावत वसुंधरा राजे गुट के नेता है और पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ के रिश्तेदार पंकज लगा रहे जोर उधर, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के रिश्तेदार पंकज बोराणा भी अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। वे पहली बार पार्षद बनकर आए हैं। अन्य चेहरों के मुकाबले उनके पास कोई खास अनुभव या समझ नहीं है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके बोराणा शहर जिला कार्यकारिणी में महामंत्री भी हैं। कांग्रेस भी कल मेयर पद के लिए करेगी नॉमिनेशन कांग्रेस भी मेयर पद के लिए कल नॉमिनेशन कवाएगी। सूत्रों के अनुसार अरूण टांक या डॉ पूनम कुंवर राठौड़ में से कोई एक मेयर पद के लिए नॉमिनेशन कर सकते हैं। अरूण टांक इससे पहले भी एक बार महापौर चुनाव में प्रत्याशी रह चुके हैं, जबकि पूनम कुंवर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी हैं। देखें किस वार्ड में कौन जीता-हारा!
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