politics
वैश्विक सहभागिता में 'राजनय' की बड़ी भूमिका
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा हैकि भारत की वैश्विक सहभागिता सदैव देशवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप होनी चाहिए यानी राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। वे आज भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के 2025 बैच और भूटान के दो राजनयिक, जो वर्तमान में सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में प्रवेश प्रशिक्षण...
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