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योगी सरकार ने जारी किए 6.55 करोड़:परिषदीय स्कूलों में बच्चों की ट्रैकिंग पर जोर; हर बच्चे की पढ़ाई पर रहेगी नजर
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक प्रगति और नामांकन की बेहतर निगरानी के लिए योगी सरकार ने 6.55 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के संचालन पर खर्च की जाएगी। सरकार का मकसद स्कूलों के आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित बनाना और हर बच्चे की शैक्षिक स्थिति पर प्रभावी नजर रखना है। स्कूल स्तर पर खर्च होगी धनराशि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी संबंधी निर्देश भेजे गए हैं। कुल 6.55 करोड़ रुपये में से 2.62 करोड़ रुपये एमआईएस (U-डायस प्लस) और 3.93 करोड़ रुपये चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए जारी किए गए हैं। यह राशि स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के माध्यम से निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी। हर बच्चे का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से ट्रैक होगा विभाग के मुताबिक यू-डायस प्लस के जरिए स्कूलों और विद्यार्थियों से जुड़े आंकड़ों का संकलन और विश्लेषण किया जाएगा। वहीं चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। सरकार का फोकस हर विद्यार्थी की विशिष्ट अपार (APAAR) आईडी को चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने पर भी है, ताकि उसकी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे। जिला स्तर पर होगी मॉनिटरिंग निर्देशों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग की नियमित समीक्षा करने और पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग का मानना है कि इससे स्कूल स्तर पर डेटा प्रबंधन और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगे। स्कूल प्रबंधन को जवाबदेह बनाने की कोशिश शिक्षा विभाग का कहना है कि डिजिटल प्रणालियों के बढ़ते इस्तेमाल से स्कूलों में बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और शैक्षिक प्रगति की जानकारी अधिक सटीक तरीके से उपलब्ध होगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में भी आसानी होगी। क्या बोले मंत्री और अधिकारी इस बारे में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने भी अपनी बात रखी। सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी का बेहतर उपयोग संभव होगा। वहीं स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि अपार आईडी, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही एसएमसी स्तर पर उपलब्ध कराई गई धनराशि का पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है।
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