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सहारनपुर के वकीलों ने हाईकोर्ट बेंच की मांग उठाई:राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा; प्रयागराज की 750 किमी दूरी पर जताई नाराजगी
सहारनपुर में शनिवार को वकीलों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रयागराज हाईकोर्ट में वकीलों के साथ कथित अभद्रता पर भी नाराजगी जताई। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के महासचिव पालम राणा एडवोकेट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे वकीलों ने दोपहर 2 बजे राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। वकीलों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता 1981 से हाईकोर्ट बेंच बनाने की मांग कर रहे हैं। करीब 45 साल बाद भी मांग पूरी नहीं हुई है। सरकार और प्रशासन को समय-समय पर ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। उनका कहना है कि सहारनपुर से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की मुख्य पीठ करीब 750 किलोमीटर दूर है। वहां मुकदमों की पैरवी के लिए जाने में वादकारियों और वकीलों का समय और पैसा खर्च होता है। वकीलों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच बनने से लोगों के लिए न्याय तक पहुंचना आसान होगा। ज्ञापन में कहा गया कि कई राज्यों में हाईकोर्ट की दो से तीन बेंच हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिर्फ लखनऊ बेंच है। इसमें 12 जिले शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों के लोगों को न्याय के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है। वकीलों ने प्रयागराज हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ हुई घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनभावनाओं का सम्मान कर हाईकोर्ट बेंच की मांग स्वीकार करने की अपील की। ज्ञापन देने वालों में महासचिव पालम राणा, अशोक कुमार पुंडीर, रणधीर सिंह, सतीश चौधरी, संजय वर्मा, मोहम्मद शाहिद, विनोद कुमार, अरुण चौधरी, राकेश त्यागी, जमाल साबरी, माया शर्मा, रेखा रानी, रूमन लांबा, शाहजमां, राव खालिद, कादिर राणा, धर्मेंद्र कुमार, ईशान सिद्दीकी, मीनू चावला, सुबोध कुमार, पंकज देशवाल, रूबी, हंसराज, योगेश कुमार, फैसल, अब्दुल रहमान, अंकित चौधरी, संदीप पंवार, सौरभ कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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