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तालाब की लीज को लेकर फिश फार्मर से मारपीट:सहरसा में जातिसूचक गाली देकर भगाने का आरोप, 6 लाख रुपए लगाए थे
सहरसा के बसनही थाना इलाके में तालाब की लीज को लेकर महादलित मत्स्यपालक अनिल राम ने मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि गौरी मेहता और उनके बेटों ने उन्हें तालाब से भगा दिया। अनिल राम गुरुवार को शिकायत लेकर सहरसा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। 1000 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एकरारनामा बसनही थाना क्षेत्र के गौंदराम निवासी 42 वर्षीय अनिल राम के मुताबिक, मत्स्य विभाग की विशेष सहायता योजना के तहत मछली पालन के लिए उन्हें 5 लाख 72 हजार रुपये का ऋण मंजूर हुआ था। इसकी पहली किस्त में 2 लाख 40 हजार रुपये मिले थे। अनिल राम ने बताया कि उन्होंने रघुनाथपुर के वार्ड 10-11 में गौरी मेहता से 121.5 डिसमिल का तालाब 12 साल के लिए लीज पर लिया था। इसके लिए हर साल 50 हजार रुपये देने थे। दोनों के बीच 1000 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एकरारनामा हुआ था। झोपड़ी बनाकर करते थे मछलियों की देखरेख उनके मुताबिक, उन्होंने 50 हजार रुपये अग्रिम दिए और तालाब तैयार करने में सरकारी राशि और कर्ज के करीब 6 लाख रुपये लगाए। इसमें दो मोटर पर 50 हजार, एरिएटर मशीन पर 50 हजार और जीरा व दाने पर 85 हजार रुपये खर्च किए। वह तालाब की मेड़ पर झोपड़ी बनाकर मछलियों की देखरेख करते थे। जातिसूचक गालियां देने का आरोप आवेदन के अनुसार, घटना 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे हुई। अनिल राम झोपड़ी में बैठे थे, तभी गौरी मेहता, उनके बेटे ज्ञानी मेहता और ध्यानी मेहता समेत 3-4 अज्ञात लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंचे। अनिल राम का आरोप है कि लोगों ने जातिसूचक गालियां दीं और कहा, “तुम्हारा यह काम नहीं है, तुम्हारा काम मवेशियों की खाल खींचना है। तुम कब से मछली पालने लगे?” उन्होंने एकरारनामे और अग्रिम रकम का हवाला दिया, तो आरोपियों ने समझौते से इनकार कर दिया। अनिल राम के मुताबिक, उन्हें झोपड़ी से घसीटकर बाहर निकाला गया। भूखमरी और कर्ज के संकट में आया परिवार घटना के चश्मदीद गवाह बौकू ऋषिदेव और शंभू ऋषिदेव बताए जाते हैं। पीड़ित अनिल राम ने बताया कि दबंगों की इस हरकत से उनका 6 लाख रुपये डूब गया है। रोजी-रोटी छिन जाने से परिवार सड़क पर आ गया है और सरकारी ऋण की किस्त चुकाना भी नामुमकिन हो गया है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जान-माल की रक्षा व उचित कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। इधर सहरसा पुलिस अधीक्षक को इस मामले में गुरुवार को पीड़ित ने आवेदन दिया है। सहरसा पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने कहा कि मामले में संबंधित थाने को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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