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केराकत में पूर्व-सरपंच ने बैल की तेरहवीं पर किया भंडारा:28 साल तक परिवार के साथ रहा नकछेदन महादेव बाबा, गांव के लोगों ने बाल-दाढ़ी बनवाने की रस्म निभाई
जौनपुर में केराकत के चक गोविंदपुर गांव में पूर्व सरपंच रामलगन यादव ने अपने 28 साल के पालतू बैल की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया। उन्होंने मंगलवार को उसकी तेरहवीं पर भंडारे का आयोजन भी किया, जिसमें हजारों लोगों ने भोजन किया। रामलगन यादव के इस बैल का नाम 'नकछेदन महादेव बाबा' था। 15 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई थी। करीब 28 साल तक परिवार के साथ रहने के कारण बैल से घर के लोगों का गहरा भावनात्मक लगाव था। बैल की मौत के बाद रामलगन ने ग्रामीणों की मौजूदगी में गांव में ही समाधि देकर अंतिम संस्कार किया। 19 अक्टूबर को घाट कर्म की परंपरा निभाई गई। इस दौरान रामलगन और गांव के लोगों ने बाल-दाढ़ी बनवाने की रस्म भी पूरी की। तेरहवीं के लिए निमंत्रण पत्र छपवाए गए थे। कार्यक्रम में ब्राह्मण भोज और दान की व्यवस्था की गई। करीब तीन हजार लोगों के लिए भोजन तैयार कराया गया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने ग्रहण किया। पशु के प्रति प्रेम और सम्मान की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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