Canada's #1 Community Marketplace
Home Blog News Announcements Carpooling Pricing Register Free
top

कर्नाटक में फाइनल वोटर लिस्ट जारी: SIR प्रक्रिया के बाद सूची से हटे लगभग 1 करोड़ मतदाता, अब राज्य में बचे 4.54 करोड़ वोटर्स

📰 Ni News India 🕐 1 min read 📅 October 27, 2026 👁 1 views
कर्नाटक में फाइनल वोटर लिस्ट जारी: SIR प्रक्रिया के बाद सूची से हटे लगभग 1 करोड़ मतदाता, अब राज्य में बचे 4.54 करोड़ वोटर्स
दक्षिण भारत के राजनीतिक और चुनावी गलियारों से इस वक्त एक बहुत ही बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कर्नाटक राज्य में मतदाता सूचियों की शुद्धता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए चलाई गई 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की पूरी प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से पूरी हो चुकी है। इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List 2026) जारी कर दी गई है। इस सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राज्यभर में बड़े पैमाने पर नामों की छंटनी की गई है, जिसके चलते कुल मतदाताओं की संख्या में लगभग 99.76 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़े बदलाव के बाद अब कर्नाटक में कुल वैध मतदाताओं की संख्या घटकर 4,54,55,689 यानी करीब 4.54 करोड़ रह गई है। चुनावी तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से इस घटनाक्रम को बेहद अहम माना जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कर्नाटक की इस नई फाइनल वोटर लिस्ट में किन बड़े बदलावों और आंकड़ों को सामने लाया गया है। कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के बाद लगभग 1 करोड़ मतदाता सूची से बाहर भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत कर्नाटक में चलाए गए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का अभियान मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अपने अंतिम चरण पर पूरा हो गया। इस वृहद प्रक्रिया के शुरू होने से पहले जब 16 जून को मतदाता सूची को फ्रीज किया गया था, तब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 5.5 करोड़ के आसपास थी। लेकिन जैसे ही सघन जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई, वैसे ही सूचियों में मौजूद विसंगतियां सामने आने लगीं। गत 24 अगस्त को जब इस प्रक्रिया के तहत शुरुआती ड्राफ्ट सूची जारी की गई थी, तभी लगभग 19.48 प्रतिशत यानी 1.08 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की बात सामने आई थी। इन सभी नामों को ASDDO यानी अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead), डुप्लिकेट (Duplicate) और अन्य अयोग्य श्रेणियों के अंतर्गत रखा गया था। प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कठोर और पारदर्शी छंटनी के परिणामस्वरूप अंततः लगभग 99.76 लाख मतदाताओं के नाम हमेशा के लिए इस अंतिम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नामों में सबसे बड़ा हिस्सा स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों का निर्वाचन अधिकारियों से मिले आंकड़ों के विश्लेषण से यह पता चलता है कि ड्राफ्ट सूची से हटाए गए लाखों मतदाताओं में सबसे बड़ा हिस्सा उन नागरिकों का था, जो अपने मूल निवास स्थान से स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित (Shifted) हो चुके थे। अकेले इस श्रेणी के लगभग 65.45 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर का रास्ता दिखाया गया, जो कुल ASDDO सूची का करीब 11.8 प्रतिशत हिस्सा बनता है। इसके अलावा, ऐसे लोगों की भी पहचान की गई जो या तो इस दुनिया में नहीं रहे (मृत मतदाता) या फिर जिनके नाम एक से अधिक मतदान केंद्रों की सूचियों में दर्ज थे (डुप्लिकेट प्रविष्टियां)। इस पूरी सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की फर्जी वोटिंग या अनियमितता की कोई गुंजाइश न बचे और हर एक पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहे। नोटिस चरण और आपत्तियों के बाद अंतिम रूप से तैयार हुई मतदाता सूची अगस्त के आखिरी हफ्ते से शुरू हुए दो महीने लंबे 'दावे, नोटिस और आपत्तियों' (Claims and Objections) के चरण के दौरान निर्वाचन प्रशासन ने अत्यधिक सतर्कता बरती। इस समया अवधि के दौरान ड्राफ्ट सूची में शामिल लगभग 4.4 करोड़ मतदाताओं में से करीब 43.8 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, ताकि उनके दस्तावेजों और पतों का भौतिक सत्यापन किया जा सके। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नोटिस के इस कड़े चरण के बाद अंतिम सूची में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 43.82 लाख में से लगभग 43.2 लाख रही, जबकि प्रशासनिक जांच के बाद शेष लगभग 61,867 मतदाताओं को अंतिम सूची से आधिकारिक रूप से हटा दिया गया। इस प्रकार सभी चरणों की कड़ाई से जांच पड़ताल पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर को राज्य की अंतिम और संशोधित मतदाता सूची जनता के बीच प्रकाशित कर दी गई। कर्नाटक की नई वोटर लिस्ट के डेमोग्राफिक आंकड़े: युवा वर्ग और महिला मतदाताओं की स्थिति इस नई और संशोधित मतदाता सूची में कर्नाटक की जनसांख्यिकी (Demographics) से जुड़े कई दिलचस्प और महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं, जो राज्य के चुनावी भविष्य की दिशा तय करेंगे: युवा मतदाताओं की भागीदारी: नई सूची के अनुसार, राज्य में 20 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या लगभग 86.56 लाख है, जबकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान राज्य में कुल 6.83 लाख नए युवा मतदाताओं ने अपना नाम सूची में दर्ज कराया है। सबसे बड़ा आयु वर्ग: कर्नाटक में इस समय 30 से 39 वर्ष की आयु वाले मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। वर्तमान में कुल 4.54 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.02 करोड़ लोग इसी आयु वर्ग के अंतर्गत आते हैं। महिला बनाम पुरुष मतदाता: इस बार के आंकड़ों में एक खास बात यह भी देखने को मिली है कि कर्नाटक में महिला मतदाताओं की कुल संख्या पुरुष मतदाताओं की तुलना में लगभग चार लाख अधिक है, जो लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और सक्रियता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। निर्वाचन आयोग की इस कड़ी और पारदर्शी कवायद के बाद अब कर्नाटक की मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध और अद्यतन हो चुकी है। राजनीतिक दलों और आम नागरिकों के लिए यह सूची अब आगामी सभी स्थानीय और विधानसभा चुनावों का मुख्य आधार बनेगी।
Read full article on Ni News India

Related News

🤖
GoBazaar Assistant
Search listings, jobs, events & more
👋 Hi! I can help you find anything on GoBazaar.
Try asking me something like:
"Room for rent under $800 in Calgary"
Select Location
All Canada
Alberta
British Columbia
Manitoba
New Brunswick
Nova Scotia
Ontario
Quebec
Saskatchewan