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संभल में करंट से लाइनमैन की मौत, अंतिम संस्कार रोका:छह घंटे पंचायत चली, पत्नी को पेंशन, नौकरी और बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा का आश्वासन
संभल में सरकारी नलकूप की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार जोड़ते समय करंट लगने से प्राइवेट लाइनमैन रामपाल कुमार (30) की मौत हो गई। परिजनों ने बिजली विभाग के एसएसओ राजेश सक्सेना पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने मुआवजे और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सोमवार को करीब 6 घंटे तक चली पंचायत के बाद बिजली विभाग के नियमों के अनुसार 10 लाख रुपए मुआवजा, पत्नी को 2,500 रुपए पेंशन, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन मिला। इसके बाद शाम 5 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। शटडाउन के बाद खंभे पर चढ़कर जोड़ रहा था तार पूरा मामला संभल तहसील के कैलादेवी थाना क्षेत्र के चाचू नागल गांव के जंगल का है। मृतक रामपाल कुमार कल्याण, कमालपुर खानपुरा गांव के निवासी थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें घर से सरकारी नलकूप की हाईटेंशन लाइन जोड़ने के लिए बुलाया गया था। रामपाल शटडाउन लेने के बाद खंभे पर चढ़कर तार जोड़ रहे थे। नीचे दूसरा लाइनमैन संतोष खड़ा था। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आ गया। इससे रामपाल झुलसकर खंभे से नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन घटना के बाद रविवार को करीब 5 घंटे तक हंगामा हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सोमवार सुबह करीब 11 बजे शव घर पहुंचा, लेकिन परिजनों ने एफआईआर दर्ज करने और उचित मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम विकास चंद्र और सीओ कुलदीप कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए संभल कोतवाली, हयातनगर, रायसत्ती और नखासा थाने की पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात की गई। पत्नी को पेंशन, बच्चों की पढ़ाई और नौकरी का आश्वासन पंचायत में ब्लॉक पंवासा प्रमुख पति हिरदेश यादव के अलावा किसान संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे। रविवार दोपहर 12 बजे शुरू हुई पंचायत सोमवार को शाम 5 बजे खत्म हुई। परिजनों को बिजली विभाग के नियमानुसार 10 लाख रुपए मुआवजा देने, पत्नी गीता को 2,500 रुपए मासिक पेंशन, बच्चों की नि:शुल्क पढ़ाई और परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। परिजनों ने एसएसओ पर लगाया लापरवाही का आरोप एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि बिजली विभाग के नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है। परिजनों और ग्रामीणों से करीब 5 घंटे तक बातचीत हुई। थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं दी गई है। उनकी मांगों के अनुसार नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है। वहीं, मृतक के भतीजे वेदपाल ने आरोप लगाया कि 30 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना कर रही है। उन्होंने कहा कि एसएसओ की लापरवाही के कारण उनके चाचा की करंट लगने से मौत हुई। मृतक के चाचा किशन स्वरूप ने कहा कि दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के बाद से वे थाने में बैठे थे, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार कर रहा है।
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