crime
संतकबीरनगर में CMO पर 5 लाख रिश्वत मांगने का आरोप:अस्पताल का रजिस्ट्रेशन किया रद्द, संचालक ने दी आत्मदाह की चेतावनी
संतकबीरनगर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रामानुज कन्नौजिया पर अस्पताल के पंजीकरण के नाम पर 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। मेंहदावल स्थित न्यू केयर हॉस्पिटल के संचालक योगेंद्र का दावा है कि वह 3 लाख रुपए दे चुके हैं, लेकिन उनसे 2 लाख रुपए और मांगे जा रहे थे। रकम नहीं देने पर अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया गया। मंगलवार शाम करीब चार बजे मामले को लेकर सीएमओ कार्यालय में हंगामे की स्थिति बन गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। तीन लाख रुपए देने का दावा अस्पताल संचालक योगेंद्र ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि सीएमओ ने उनसे 3 लाख रुपए लिए थे और अस्पताल दोबारा खुलवाने की बात कही थी। करीब एक सप्ताह पहले सीएमओ से मुलाकात के दौरान उनसे 2 लाख रुपए और मांगे गए। योगेंद्र का आरोप है कि रकम नहीं देने पर अस्पताल का पंजीकरण और आयुष्मान योजना से जुड़ी सुविधा निरस्त करने की बात कही गई। संचालक के मुताबिक, अतिरिक्त रकम देने से इनकार करने और अस्पताल खुलवाने के लिए अदालत में वाद दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू करने के दिन ही अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से वह आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। CMO बोले- इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही पर हुई कार्रवाई सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने रिश्वत मांगने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के खिलाफ मरीज के इलाज और ऑपरेशन से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है। अस्पताल संचालक यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि ऑपरेशन किस सर्जन ने किया था और मरीज को बेहोश करने की जिम्मेदारी किस डॉक्टर ने निभाई थी। इस मामले में अस्पताल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है। उन्होंने आगे भी कार्रवाई किए जाने की बात कही। संचालक बोले- डॉक्टर पूजा पांडे ने किया था ऑपरेशन अस्पताल संचालक योगेंद्र ने सीएमओ के आरोपों का जवाब देते हुए दावा किया कि उनके अस्पताल में ऑपरेशन डॉक्टर पूजा पांडे ने किया था। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टर ने सीएमओ कार्यालय में अपना बयान भी दिया था, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। योगेंद्र के मुताबिक, मरीज की मौत ऑपरेशन के करीब 8 महीने बाद अगस्त में हुई थी। इसके बाद उनके और अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित तौर पर दिए गए रुपए वापस दिलाने की मांग की है। आत्मदाह की चेतावनी से मचा हड़कंप अस्पताल संचालक ने चेतावनी दी कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और कथित रूप से दिए गए रुपए वापस नहीं मिले, तो वह दो दिन के भीतर आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने इसके लिए सीएमओ को जिम्मेदार ठहराया। मौके पर पहुंचे एसडीएम हृदय नारायण त्रिपाठी और सीओ सर्वदमन सिंह ने स्थिति को शांत कराया। दोनों अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से बातचीत की और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही।
Read full article on Bhaskar