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टीजीटी भर्ती में आरक्षण को लेकर दुष्प्रचार:आयोग बोला- दावे निराधार, अफवाह पर ध्यान न दें अभ्यर्थी
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) के 17,735 पदों पर भर्ती में आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने निराधार बताया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आरक्षण शासन के नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया गया है। इसमें किसी तरह की चूक नहीं हुई है। विद्यालय को माना गया एकल इकाई आयोग के मुताबिक, प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आरक्षण की गणना विद्यालयवार की गई है। प्रत्येक विद्यालय को एकल इकाई (सिंगल यूनिट) मानते हुए उसके स्वीकृत और रिक्त पदों के आधार पर आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के सभी 17,735 पदों को एक साथ जोड़कर आरक्षण की गणना नहीं की गई है। आयोग को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से विद्यालयवार, विषयवार और श्रेणीवार रिक्त पदों का अधियाचन मिला था। इसके आधार पर जिस विद्यालय में जिस श्रेणी का पद रिक्त था, उसे उसी श्रेणी के तहत विज्ञापित किया गया है। सोशल मीडिया पर गलत गणना का आरोप सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कुल पदों के अनुपात में ओबीसी, एससी और एसटी को कम पद मिले हैं, जबकि ईडब्ल्यूएस को अधिक पद दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि सभी पदों को एक साथ जोड़कर आरक्षण की गणना करना ही गलत तरीका है, क्योंकि नियुक्ति संबंधित विद्यालय के रिक्त पद की श्रेणी के अनुसार ही होगी। विज्ञापन में अनारक्षित वर्ग के 6,704, एससी के 3,698, एसटी के 13, ओबीसी के 4,438 और ईडब्ल्यूएस के 2,882 पद दर्शाए गए हैं। आयोग का तर्क है कि यह विभाजन विद्यालयवार रिक्त पदों और विहित नियमों का परिणाम है, न कि प्रदेश स्तर पर आरक्षण का पुनर्गणन। अभ्यर्थियों से सतर्क रहने की अपील आयोग अध्यक्ष ने कहा कि शासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘ई-ज्ञान गंगा-यूपी’ पर भी इस बाबत वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अनधिकृत पोस्ट, अफवाह या भ्रामक दावों पर विश्वास न करने और उन्हें शेयर न करने की अपील की है। भर्ती से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को ही आधार बनाने को कहा गया है। इस भर्ती के तहत ऑनलाइन आवेदन 24 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं और लिखित परीक्षा 23-24 दिसंबर को प्रस्तावित है।
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